Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गैजेटà¥à¤¸ का लगातार बढ़ता चलन, घर और ऑफिस की चहार दीवारी में सीमित जीवन, शारीरिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ की कमी और जंक फूडà¥à¤¸ का बढ़ता चलन हमारे शारीरिक और मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को ही नहीं हमारी आंखों की सेहत को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर रहा है। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पूरे विशà¥à¤µ में मायोपिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, आज विशà¥à¤µà¤à¤° में à¤à¤• अरब चालीस करोड़ लोगों को निकट दृषà¥à¤Ÿà¤¿ दोष है, 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर पांच अरब हो जाà¤à¤—ा। इनमें से लगà¤à¤— दस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोगों का मायोपिया इतना गंà¤à¥€à¤° होगा कि उनके लिठदृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¹à¥€à¤¨à¤¤à¤¾ का खतरा अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• बढ़ जाà¤à¤—ा।
कà¥à¤¯à¤¾ है निकटदृषà¥à¤Ÿà¤¿ दोष?
निकट दृषà¥à¤Ÿà¤¿ दोष को चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में मायोपिया कहते हैं, इसमें दूर की चीजों को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से देखने में परेशानी आती है। मायोपिया में आंख की पà¥à¤¤à¤²à¥€ (आई बॉल) का आकार बढ़ने से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब रेटिना पर बनने के बजाय थोड़ा आगे बनता है। à¤à¤¸à¤¾ होने से दूर की वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ धà¥à¤‚धली और असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ दिखाई देती हैं, लेकिन पास की वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ देखने में कोई परेशानी नहीं होती है। à¤à¤• अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ की 20-30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ जनसंखà¥à¤¯à¤¾ मायोपिया से पीड़ित है।
मायोपिया तब होता है, जब आंख की पà¥à¤¤à¤²à¥€ बहà¥à¤¤ लंबी हो जाती है या कारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (आंखों की सबसे बाहरी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परत) की वकà¥à¤°à¤¤à¤¾ बहà¥à¤¤ बढ़ जाती है। इससे जो रोशनी आंखों में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती है वो ठीक पà¥à¤°à¤•ार से फोकस नहीं होती है, जिससे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब रेटिना के थोड़ा आगे फोकस होते हैं। इससे नज़र धà¥à¤‚धली हो जाती है। जब मायोपिया की समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ बढ़ जाती है तो मोतियाबिंद और गà¥à¤²à¥à¤•ोमा होने का खतरा बढ़ जाता है।
मायोपिया धीरे-धीरे या तेजी से विकसित हो सकता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ तेजी से बढ़ती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनका शरीर और आंखें विकसित हो रही होती हैं। आंखों का आकार बढ़ने से कारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ और रेटिना में तेज खिंचाव हो सकता है। हालांकि, जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मायोपिया है अटà¥à¤ ारह वरà¥à¤· की आयॠहोने तक उनका दृषà¥à¤Ÿà¤¿ सà¥à¤¥à¤¿à¤° हो जाती है।
दिलà¥à¤²à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤, ऑल इंडिया इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ मेडिकल साइंसेस (à¤à¤®à¥à¤¸) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठà¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में 5-15 वरà¥à¤· की आयà¥à¤µà¤°à¥à¤— के 17 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ निकट दृषà¥à¤Ÿà¤¿ दोष से पीड़ित हैं।
निकट दृषà¥à¤Ÿà¤¿ दोष के कारण
निकट दृषà¥à¤Ÿà¤¿ दोष विशà¥à¤µà¤à¤° में दृषà¥à¤Ÿà¤¿ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने का सबसे पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है। अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारण, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¥à¤£à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और जीवनशैली इसमें महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है।
यह परिवार में चलता है। अगर आपके माता या पिता दोनों में से किसी को यह समसà¥à¤¯à¤¾ है तो आपके लिठइसका खतरा बढ़ जाता है। अगर माता-पिता दोनों को निकट दृषà¥à¤Ÿà¤¿ दोष है तो खतरा अधिक बढ़ जाता है।
सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ (टीवी, कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥à¤Ÿà¤°, मोबाइल) के सामने अधिक समय बिताना।
किताबों या सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ से आवशà¥à¤¯à¤• दूरी न रखना मायोपिया के खतरे को अधिक बढ़ा देता है।
कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में यह बात सामने आई है कि पà¥à¤°à¤•ृतिक रोशनी में कम समय बिताने से मायोपिया का खतरा बढ़ जाता है।
इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से पहचानें
मायोपिया का सबसे पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ है दूर की चीजें सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ दिखाई न देना, इसके अलावा निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे सकते हैं;
बार-बार आंखे à¤à¤ªà¤•ाना।
दूर की चीजें देखने पर आंखों में तनाव और थकान महसूस होना।
डà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤µà¤¿à¤‚ग करने में परेशानी आना खासकर रात के समय में।
सिरदरà¥à¤¦à¥¤
पलकों को सिकà¥à¤¡à¤¼à¤•र देखना।
आंखों से पानी आना।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इनके अलावा निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई दे सकते हैं;
कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤°à¥‚म में बà¥à¤²à¥ˆà¤• बोरà¥à¤¡ या वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ बोरà¥à¤¡ से ठीक पà¥à¤°à¤•ार से दिखाई न देना।
लगातार आंखें मसलना।
पढ़ाई पर फोकस न कर पाना।
उपचार
उपचार का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¤¾ होता है। इसके लिठसरà¥à¤œà¤¿à¤•ल और नान सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल दोनों तरह के उपचार उपलबà¥à¤§ हैं।
नान-सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल
मायोपिया के नान-सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचार में नेगेटिव नंबर के चशà¥à¤®à¥‡ या कांटेकà¥à¤Ÿ लेंसों की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है। जितना नंबर अधिक होगा उतना ही आपका मायोपिया गंà¤à¥€à¤° है।
चशà¥à¤®à¥‡à¤‚
यह दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और तेज करने का à¤à¤• सामानà¥à¤¯ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका है। इनमें जो आई गà¥à¤²à¤¾à¤¸ लेंस इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाते हैं वो कईं पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं जैसे सिंगल विज़न, बाइ-फोकलà¥à¤¸, टà¥à¤°à¤¾à¤¯-फोकलà¥à¤¸ और पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ मलà¥à¤Ÿà¥€-फोकल।
कांटेकà¥à¤Ÿ लेंसेस
यह लेंस सीधे आंखों पर लगाठजाते हैं। ये विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बने होते हैं और इनकी डिजाइनें à¤à¥€ अलग-अलग होती हैं, जिनमें समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हैं मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® और कठोर, टोरिक और मलà¥à¤Ÿà¥€-फोकल डिजाइनà¥à¤¸à¥¤
रिफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€
मायोपिया को रिफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इरर कहते हैं, इसलिठइसे दूर करने के लिठकी जाने वाली सरà¥à¤œà¤°à¥€ को रिफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€ कहते हैं। रिफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€, चशà¥à¤®à¥‹à¤‚ और कांटेकà¥à¤Ÿ लेंसों पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ कम कर देती है। इसमें आई सरà¥à¤œà¤¨ कारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤¨à¤ƒ आकार देने के लिठलेज़र बीम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करता है। इससे निकट दृषà¥à¤Ÿà¤¿ दोष में काफी सà¥à¤§à¤¾à¤° आ जाता है। कईं लोगों को सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद चशà¥à¤®à¥‡ या कांटेकà¥à¤Ÿ लेंसों की जरूरत नहीं पड़ती है, जबकि कईं लोगों को इनकी जरूरत पड़ सकती है। रिफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की सलाह तब तक नहीं दी जाती जब तक कि आपके लेंस का नंबर सà¥à¤¥à¤¿à¤° नहीं हो जाता।
लेसिक और फोटो-रिफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ केरैटेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ (पीआरके) सबसे सामानà¥à¤¯ रिफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। दोनों में कारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का आकार बदला जाता है ताकि पà¥à¤°à¤•ाश बेहतर तरीके से रेटिना पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो सके।
रोकथाम
मायोपिया को रोकना संà¤à¤µ नहीं है, लेकिन कईं उपाय हैं, जिनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आप इसके विकास को धीमा कर सकते हैं। आप अपनी आंखों और दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिठनिमà¥à¤¨ कदम उठा सकते हैं।
नियमित अंतराल पर अपनी आंखों की जांच कराà¤à¤‚।
अगर आपको डायबिटीज और उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ है तो अपना उपचार कराà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके कारण आपकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है।
अपनी आंखों को सूरज की परा-बैंगनी किरणों के हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से बचाने के लिठजब à¤à¥€ घर से बाहर निकलें तो गॉगल लगाकर जाà¤à¤‚।
अपने डाइट चारà¥à¤Ÿ में रंग-बिरंगे फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ तथा मछलियों को को शामिल करें।
पढ़ने और कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥à¤Ÿà¤° पर काम करने के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर का बà¥à¤°à¥‡à¤• लें।
अचà¥à¤›à¥€ रोशनी में पढ़ें।
धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करें; धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ आपकी आंखों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चहारदीवारी में बंद न रखें। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर धूप में खेलने दें।
सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ के सामने कम समय बिताà¤à¤‚।
किताबों और आंखों के बीच में सही दूरी बनाकर रखें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दो घंटे से अधिक टीवी और मोबाइल न चलाने दें।
| --------------------------- | --------------------------- |